इतना भी न आजमा इस हार को ए जिंदगी
के जीतके जश्नने से हमे यु खौफासा लगने लगे
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असावी त्यालाही बहुदा माणसांची शिवाशिव
लांबूनच न्याहाळतो सार आभाळातून देवबिव..
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तुझ्या सुरांनी भारून जावी वार्यावरची गाणी
खुल्या आसमंती लहरत जावी मनामनातील गाणी
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चिमुरड्या मुठीत उमलणारी पोतभर स्वप्न
आभाळाशी नात सांगणारी नवजात स्वप्न
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कुछ इस तरह चुभते अपने, गैरोके इस मुल्क मे
के भीड के चेहरे पे भी अब खौफसा दिखता है
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हातभर ओंजळीत विसावलय वितभर आभाळ
कोर कोर चंद्र मिरवतय निळ्या नदीच कपाळ
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इक मोड पे युही बदल गयी जिंदगी
उल्झानो के दायारोमे बस सिमट गयी जिंदगी
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नकळत उमगत जाते मुक्या थेंबांची बोलकी भाषा
कधी अंतरांची रुजवात तर कधी अर्थ शेवटचा
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कुठे तुझी सुरुवात अन कुठे तुझा अंत
माणसाचा जन्म परी तुला माणुसकीची भ्रांत
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मनमनात अवघडलेला तो ओलाचिंब कोपरा
क्षणक्षणास मोह ज्याचा तो दरवळ्लेला कोपरा
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बेनाम हि रहने दो हमे इस रिश्तो के भवर मे
के दिवानगी का हर चेहरा यहा बदनामसा लगता है
के जीतके जश्नने से हमे यु खौफासा लगने लगे
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असावी त्यालाही बहुदा माणसांची शिवाशिव
लांबूनच न्याहाळतो सार आभाळातून देवबिव..
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तुझ्या सुरांनी भारून जावी वार्यावरची गाणी
खुल्या आसमंती लहरत जावी मनामनातील गाणी
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चिमुरड्या मुठीत उमलणारी पोतभर स्वप्न
आभाळाशी नात सांगणारी नवजात स्वप्न
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कुछ इस तरह चुभते अपने, गैरोके इस मुल्क मे
के भीड के चेहरे पे भी अब खौफसा दिखता है
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हातभर ओंजळीत विसावलय वितभर आभाळ
कोर कोर चंद्र मिरवतय निळ्या नदीच कपाळ
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इक मोड पे युही बदल गयी जिंदगी
उल्झानो के दायारोमे बस सिमट गयी जिंदगी
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नकळत उमगत जाते मुक्या थेंबांची बोलकी भाषा
कधी अंतरांची रुजवात तर कधी अर्थ शेवटचा
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कुठे तुझी सुरुवात अन कुठे तुझा अंत
माणसाचा जन्म परी तुला माणुसकीची भ्रांत
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मनमनात अवघडलेला तो ओलाचिंब कोपरा
क्षणक्षणास मोह ज्याचा तो दरवळ्लेला कोपरा
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बेनाम हि रहने दो हमे इस रिश्तो के भवर मे
के दिवानगी का हर चेहरा यहा बदनामसा लगता है
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