मनमनास ठाऊक अवघ्या दिशा वादळांच्या
कासावीस जीव तरी शोधे चोरवाटा भरकटण्याच्या....
-------------------------------------------------शोध मीपणाचा आजन्म पुरलेला
सावल्यांच्या दिशांचाही इथे अंदाज चुकलेला
------------------------------------------------क्षितिजाच्या उंबरठ्याशी तळव्यात तेजाचे दान
मिणमिणत्या सावल्यानाही गर्द काळोखाचे भान
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मन उनाड उनाड
घेई शोध अस्तित्वाचा
पावलापावलावर अवघडलेल्या
ह्या वाटा भरकटण्याच्या
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घे आडोश्याला जरासे तू हे पसारे वेदनेचे
उठतील चहूदिशांनी बघ आता मोहोळ सांत्वनांचे
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उठता रान चाहुलींचे , मनी हुरहुरते वादळ
ओझरत्या स्पर्शालाही उगा भास मोहरण्याचा
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रात्रीच्या गर्भातली प्रकाशाची रुजवण तू
अवसेच्या रानातली जणू काजव्यांची माळ तू..
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मौनाच्या वेदनेतला हूळहूळता हुंकार तू
ओरखड्यांच्या नक्षीतला कधी तृप्ततेचा ओघळ तू
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स्वप्न अन सत्यातला खराखुरा आभास तू
घट्ट मिठीत काळाच्या सुटकेचा निश्वास तू...
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कासावीस जीव तरी शोधे चोरवाटा भरकटण्याच्या....
-------------------------------------------------शोध मीपणाचा आजन्म पुरलेला
सावल्यांच्या दिशांचाही इथे अंदाज चुकलेला
------------------------------------------------क्षितिजाच्या उंबरठ्याशी तळव्यात तेजाचे दान
मिणमिणत्या सावल्यानाही गर्द काळोखाचे भान
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मन उनाड उनाड
घेई शोध अस्तित्वाचा
पावलापावलावर अवघडलेल्या
ह्या वाटा भरकटण्याच्या
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घे आडोश्याला जरासे तू हे पसारे वेदनेचे
उठतील चहूदिशांनी बघ आता मोहोळ सांत्वनांचे
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उठता रान चाहुलींचे , मनी हुरहुरते वादळ
ओझरत्या स्पर्शालाही उगा भास मोहरण्याचा
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रात्रीच्या गर्भातली प्रकाशाची रुजवण तू
अवसेच्या रानातली जणू काजव्यांची माळ तू..
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मौनाच्या वेदनेतला हूळहूळता हुंकार तू
ओरखड्यांच्या नक्षीतला कधी तृप्ततेचा ओघळ तू
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स्वप्न अन सत्यातला खराखुरा आभास तू
घट्ट मिठीत काळाच्या सुटकेचा निश्वास तू...
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